तुलसी के फायदे, नुकसान व सेवन का सही तरीका | News Raftaar

आयुर्वेदा में तुलसी को बहुत अच्छी जड़ी बूटी माना गया है। तुलसी की पूजा भी की जाती है और इसकी सुगंध से आसपास का वातावरण भी पवित्र महसूस होता है।

इसका उपयोग खाने में मसाले के रूप में भी किया जाता है। तुलसी के पत्तों में ऐसे कई एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते है जो त्वचा और शरीर के कई प्रकार के रोगों के इलाज में असरदार है। इसके साथ साथ इसमें विटामिन सी, ए, के, आयरन, कैल्शियम और कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते है जो शरीर के लिए अच्छे होते है।

तुलसी के फायदे और सेवन का तरीका

1. सर्दी और जुकाम
सर्दी जुकाम और बुखार के इलाज में तुलसी के पत्ते काफी उपयोगी है। सर्दी और जुकाम से निजात पाने के लिए तुलसी के ताजे पत्ते चबा कर खाये।
तुलसी की पत्तियां, काली मिर्च और अदरक की दूध वाली चाय भी सर्दी जुकाम में राहत देता है।
तेज बुखार को कम करने के लिए तुलसी के पत्ते का रस पीने से आराम मिलता है।
एक कप पानी में तुलसी के पत्ते और इलायची का पाउडर उबाल कर काढ़ा बनाये और दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन करे। इस उपाय से तेज बुखार कम होने लगता है।

2. खांसी
खांसी दूर करने के लिए तुलसी के प्रयोग से एक घरेलू दवा बना सकते है जो खांसी के सिरप की तरह ही असरदार होती है।
तुलसी के 8 से 10 पत्ते और 5 लौंग 1 कप पानी में डाल कर 10 मिनट तक उबाले। अब ठंडा होने पर इसका सेवन करे।
गले में खराश हो तो पानी में तुलसी के पत्ते उबाल कर इस पानी से गरारे करे।

3. आँखों के लिए फायदे
तुलसी के ताजे पत्तों में विटामिन ए होता है जो आँखों के लिए फायदेमंद है। तुलसी का रस आँखों की सूजन के लिए अच्छा होता है।
आँखों में सूजन हो तो सोने से पहले काली तुलसी के रस की 2 बूंदे डालें।

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4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये
नियमित रूप से तुलसी के पत्ते चबाने से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
तुलसी सांस से जुड़े रोगों के इलाज में भी उपयोगी है जैसे की अस्थमा।
अच्छे और जल्दी परिणाम के लिए तुलसी के सूखे नहीं ताजे पत्तों का सेवन करे।

5. तनाव
तुलसी शरीर में ऊर्जा बढ़ाने और ध्यान बढ़ाने में उपयोगी है जो तनाव कम करने में मदद करता है।
10-12 तुलसी के पत्ते चबाने से तनाव से जुड़े रोगों को रोका जा सकता है।
हर रोज तुलसी के पत्ते खाने से खून भी साफ होता है।

6. मुंह के रोग
सांस में बदबू आना और पायरिया जैसे मुंह के कई रोगों में तुलसी अच्छी होती है। इसमें ऐसे कई गुण होते है जिससे मसूढ़े मजबूत होते है।
तुलसी के पत्ते धूप में सूखा कर पीस ले। इस पाउडर से अपने दांत ब्रश करे। आप इसमें सरसों के तेल की कुछ बूंदे भी मिला सकते है।

7. सिर दर्द का इलाज
सिर का दर्द दूर करने के लिए तुलसी एक अच्छी दवा है। ये सिर की मांसपेशियों को आराम देती है।
चंदन और तुलसी का लेप बना कर सिर पर लगाने से सिर दर्द में राहत मिलती है।
तुलसी की चाय भी उपयोगी है। 1 कप पानी में तुलसी की ताजी पत्तियां डाल कर कुछ देर उबाले फिर छान कर पिए।
सिर में हल्का दर्द हो रहा हो तो तुलसी के तेल से सिर की मालिश करे या तुलसी के पत्ते चबा ले।
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8. चेहरे के लिए तुलसी
मुंहासे के घाव जल्दी ठीक करने और मुंहासे आने से रोकने के लिए तुलसी के पत्तों का ताजा रस त्वचा पर लगाए।

9. पेट में दर्द
पाचन तंत्र के लिए भी तुलसी अच्छी होती है। पेट दर्द के इलाज में तुलसी की पत्तियों का रस उपयोग कर सकते है।
1 चम्मच रस तुलसी और 1 चम्मच अदरक का रस मिला कर लेने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलने लगता है।
पेट से जुड़े अन्य रोग जैसे अपच, कब्ज, एसिडिटी, बवासीर और मासिक धर्म में दर्द कम करने के लिए तुलसी की चाय पी सकते है।

तुलसी खाने का सही तरीका और समय:
तुलसी का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है। इसके ताजे पत्तों को चबा कर खा सकते है और इन्हें सूखा कर चाय बना कर भी पी सकते है।
तुलसी की चाय सबसे अधिक प्रयोग होती है। उबलते हुए पानी में 2 से 3 चम्मच तुलसी पाउडर डाल कर 5 मिनट तक उबाले और सेवन करे।
इसका सेवन किस समय और कैसे करे ये हमारी दिनचर्या पर अधिक निर्भर करता है। इसके इलावा ये इस पर ज्यादा निर्भर करता है की तुलसी का उपयोग किस लिए करना है।
ज्यादातर इसका उपयोग सुबह खाली पेट करने को बताया जाता है पर अगर आपको खाना खाने के बाद उसे पचाने में दिक्कत आये तो खाने के बाद भी इसका सेवन कर सकते है।
इसकी तासीर गरम होती है इसलिए सर्दी के मौसम में इसके सेवन की सलाह दी जाती है। इसे गर्मी के मौसम में भी खा सकते है पर तब इसे अधिक मात्रा में लेने से कुछ परेशानी भी हो सकती है।