पथरी के रोग की रापथरी के रोग की रामबाण दवा और आसान घरेलु उपायमबाण दवा और आसान घरेलु उपाय | News Raftaar

अनियमित जीवनशैली व खाने पिने के गलत तरीके के कारण आजकल पथरी की समस्या बढ़ती जा रही है। वैसे तो स्टोन शरीर में कहीं भी हो सकता है पर अधिकतर लोग गुर्दे की पथरी (kidney stone), पित की पथरी (gallbladder stone) और यूरिनरी स्टोन की शिकायत ज्यादा करते है।

कुछ लोग पथरी निकालने और दर्द कम करने के लिए अंग्रेजी दवा का सहारा लेते है तो कुछ लोग पथरी का ऑपरेशन करवाते है। किडनी की पथरी हो या पित्त की थेली की पत्थरी हो आप बिना मेडिसिन के घरेलू नुस्खे, देसी आयुर्वेदिक दवा और होम्योपैथिक उपचार से घर पर भी उपाय कर सकते है। आज इस लेख में हम पथरी का इलाज राजीव दीक्षित, बाबा रामदेव के नुस्खे और पतंजलि आयुर्वेदिक दवाई के बारे में जानेंगे

अलग अलग लोगों में पथरी का साइज़ भी अलग हो सकता है। कुछ लोगों में 1 mm से 3 mm तक का स्टोन होता है तो कुछ को 8 mm से भी बड़ी पथरी हो जाती है। पथरी का उपचार उसके कारण, लक्षण और शरीर में किस जगह पथरी हुई है इस आधार पर किया जाता है। कुछ लोग पेट, कमर और पथरी के दर्द में फरक नहीं कर पाते इसलिए उनका अक्सर सवाल होता है की पथरी का दर्द कैसा होता है और पथरी का दर्द कहाँ होता है। आज इस लेख में आपके सभी सवालों का जवाब देने का प्रयास किया जायेगा।

पथरी होने के कारण
-पेशाब में जब पथरी बनाने वाले जैसे की यूरिक एसिड, कैल्शियम, ऑक्स्लेट की मात्रा नार्मल से ज्यादा होने लगती है और जब किडनी इन्हें बहार नहीं निकाल पाती तब ये किडनी में ही जमा होने लगते है जो धीरे धीरे पथरी का रूप ले लेती है।
-किडनी स्टोन के कारण में प्रमुख कारण है शरीर में कैल्शियम की मात्रा अधिक होना है, मतलब जिनको गुर्दे में पथरी हुई है उनकी बॉडी में कैल्शियम ज़रूरत से जादा है और वह शरीर में ठीक से पच नहीं रहा।
-पानी कम पीना, यूरिन में इन्फेक्शन होना, पेशाब रोकना और पेशाब होने वाली medicine के सेवन से गुर्दे में पथरी होने का खतरा अधिक होता है।
-पित की पथरी का कारण कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना है।

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पथरी रोग के लक्षण
-पथरी की शिकायत शरीर में कहीं भी हो इसका सबसे पहला लक्षण है तेज दर्द होना है।
-गुर्दे की पथरी के लक्षण में दर्द की शुरुआत पीठ से होती है फिर आगे की तरफ पेट में दर्द होता है जो धीरे धीरे जांघों की और बढ़ता है।
-पेशाब में खून आना या पीब निकलना भी पथरी के लक्षण में से एक है।
-यूरिन में इन्फेक्शन, बुखार आना और कपकपी होना भी pathri ke lakshan है।
-स्टोन होने पर कुछ लोगों को रुक रुक कर पेशाब आता है तो कुछ को पेशाब बार बार आता है।
-किडनी स्टोन के लक्षण में पेशाब में बदबू आना, जलन और दर्द महसूस होना एक है।
-पित की पथरी के कारण पेट में तेज दर्द होता है और उल्टी की शिकायत भी होती है, इसके इलावा खाना पचने में दिक्कत आना और पेट में भारीपन महसूस होना पित्ते में पथरी के लक्षण है।
-लगातार दस्त और उल्टी होना और उल्टी के कारण थकान व बेचैनी महसूस करना।

पथरी की दवा और घरेलू इलाज
कई बार पथरी ऐसी जगह पर होती है की बिना ऑपरेशन के कोई रास्ता ही नहीं होता ऐसे में डॉक्टर की सलाह ले और जरुरी ट्रीटमेंट करे। अगर आप इलाज पथरी की देशी दवाई, आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू नुस्खे और होम्योपैथिक तरीके से करना चाहते है तो ये लेख ध्यान से पढ़े और उपाय करे।

पथरी के दर्द का इलाज और उपाय
पथरी का दर्द कई बार तो इतना तेज होने लगता है की बर्दाश्त नहीं होता। दर्द से राहत पाने के लिए कुछ लोग दर्द निवारक दवा लेते है पर आप pathri ke dard का तुरंत इलाज करने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय भी अपना सकते है।

1. पथरी के दर्द से राहत पाने के लिए अजवाइन पानी में उबाल कर छान ले और पिए। ये उपाय दर्द कम करने में देसी दवाई की तरह है।

2. नींबू पानी से भी दर्द का उपचार किया जा सकता है। नींबू में सिट्रिक एसिड मौजूद होता है जो शरीर में कैल्शियम की मात्रा की बढ़ने से रोकता है। दर्द के दौरान नींबू का पानी पीने से जल्दी आराम मिलता है।

3. प्याज के रस में शक्कर मिला कर पिने से दर्द दूर होता है। पथरी के दर्द की दवा में ये नुस्खा काफी मददगार है। प्याज में विटामिन बी और पोटैशियम होते है जो पथरी को बढ़ने से रोकते है।

4. सोने से पहले रात को 2 गिलास पानी में मिश्री, 2 चम्मच सौंफ और सूखा धनिया भिगो कर रखे और सुबह इस पानी को छान कर खाली पेट पिए।

5. पथरी के दर्द का तुरंत इलाज करने में एलोवेरा का उपयोग भी फायदेमंद है। एलोवेरा जूस पिने से पथरी का दर्द दूर होता है।

6. केले में जो पोषक तत्व होते है वो पथरी को बढ़ने से रोकते है और दर्द से राहत दिलाने में भी उपयोगी है। Stone pain relief और इससे बचने के लिए केला खाये।

किडनी की पथरी का इलाज
-गुर्दे की पथरी के लिए घरेलू उपचार में सबसे अहम है पानी प्रयाप्त मात्रा में पीना, इसलिए प्रतिदिन 5 से 6 लीटर पानी पिए। इस उपाय से किडनी की पथरी घुल कर पेशाब से बाहर निकल जाएगी।
-गेंहू के ज्वारे (wheatgrass) किडनी स्टोन ट्रीटमेंट और किडनी से जुड़े अन्य रोगों के उपचार में काफी उपयोगी है। व्हीटग्रास पानी में उबाल कर ठंडा कर ले और छान कर पिए।
-बेल पत्र के साथ काली मिर्च लेने से kidney ki pathri पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है।
-अंगूर में पोटैशियम और पानी अधिक मात्रा में होता है जो की गुर्दे की पथरी का उपचार में अच्छा माना जाता है।
-किडनी में पथरी का इलाज मूली के साथ आंवले का चूर्ण खाने से गुर्दे की पथरी ख़तम होने लगती है।
-किडनी स्टोन के उपाय में पक्के हुए प्याज का रस रामबाण दवा है। एक बर्तन ले और इसमें 1 से 2 प्याज छील के डाले फिर 1 गिलास पानी मिला कर धीमी आँच पर पकने दे। प्याज जब अच्छे से पक जाए तब गैस से उतार ले और ठंडा होने दे। अब इसमें मिश्री दाल कर पीस ले और फिर छान कर पिए।

पित की पथरी का उपचार हिंदी में
1. पित की थैली में पथरी होने का कारण कोलेस्ट्रॉल का जमना या सख्त होना है। पित्ते में पथरी होने पर अक्सर यही कहा जाता है की इसे बिना ऑपरेशन के निकलना मुश्किल है। अगर आप भी ऑपरेशन का मन बना चुके है तो पहले ये उपाय कर के देखे संभव है की पथरी निकल जाये।

2. गॉल ब्लैडर स्टोन को गलाने के लिए सेब का जूस और सेब का सिरका काफी गुणकारी है। सेब में मैलिक एसिड होता है जो पथरी गलाने में मदद करता है और लिवर में कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में सेब का सिरका उपयोगी है। पित की पथरी निकलने के लिए 1 चम्मच सेब का सिरका 1 गिलास सेब के जूस में मिला कर दिन में 2 बार पिए।

3. पित्त की थेली की पथरी निकालने का अचूक उपाय में पुदीना एक उत्तम घरेलु औषधि है। पुदीने की ताज़ी या सुखी पत्तियां पानी में उबाल ले। गुनगुना होने पर इसे छान ले और थोड़ा शहद मिला ले और पिए।

4. नाशपाती का जूस 1 गिलास और 2 चम्मच शहद 1 गिलास गरम पानी में मिला कर पिए। Gall bladder stone के इस उपाय को दिन में 3 बार करना चाहिए।

5. एक खीरा, 4 गाजर और 1 चुकंदर ले कर जूस बना ले। हर रोज इस जूस को 2 बार पिने से पित्त की पथरी में राहत मिलती है।

पथरी का इलाज बाबा रामदेव पतंजलि
-पथरी का आयुर्वेदिक इलाज करना चाहते है और आयुर्वेदिक दवा लेना चाहते है तो अपने नजदीकी baba ramdev पतंजलि स्टोर से ले सकते है। ये दवाएं गॉल ब्लैडर स्टोन, किडनी स्टोन निकालने व दर्द कम करने में मदद करती है।
-बाबा रामदेव के नुस्खे पथरी के लिए में कुल्थी की दाल खाने से फायदा मिलता है। इस के इलावा पथरी के इलाज के लिए कुल्थी 1 से 2 चम्मच ले और 1 गिलास पानी में उबाले। पानी जब 50 ग्राम रह जाए तब छान कर पी ले।
-पथरी की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि में दिव्या असमरिहार रस का सेवन करे। ये ayurvedic medicine पथरी को तोड़ कर पेशाब के रास्ते से बाहर निकाल देती है।
-पथरी के लिए योग करना भी असरदार है। हर रोज कपालभाति प्राणायाम करने से पथरी के रोग से बचा जा सकता है।
-पित्त की पथरी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से होती है। कपालभाति योग से कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में रहता है।

पथरी की दवा राजीव दीक्षित
-राजीव दीक्षित जी के अनुसार मुल्ली के पत्तों का रस पथरी निकालने में काफ़ी उपयोगी है। मुल्ली के पत्तों का रस 100 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 से 3 बार सेवन करने से पथरी से छुटकारा मिलता है। प्रतिदिन सलाद में मुल्ली खाने से आप पथरी का रोग होने से बच सकते है।

-पथरी का इलाज राजीव दीक्षित, पाखनबेद नाम का एक पौधा है जिसे हम पत्थरचट्टा के नाम से जानते है, ये पथरी की रामबाण दवा है। एक से डेढ़ गिलास पानी में पत्थर चट के 10 पत्त उबाल कर इसका काढ़ा बना ले। इस home remedies को सही तरीके से नियमित करने पर 1 से 2 हफ़्तों में पथरी ख़तम हो जाती है। आप इसके पत्तों को सीधे चबा चबा कर भी खा सकते हो।

पथरी का होम्योपैथिक इलाज –
1. होम्योपैथिक दवा से पथरी का उपचार करने के लिए एक मेडिसिन है Berberis Vulgaris – Mother Tincher. ये मेडिसिन पत्थरचटा पौधे से त्यार की जाती है। इस पथरी की दवा का नाम सिर्फ आप किम जानकारी के लिए बताया जा रहा है ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले होमियोपैथी चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले।

2. पथरी की होम्योपैथिक दवा की 10 से 15 बूंदे एक चौथाई कप गुनगुने पानी में डाल कर पिए। इस दवाई का सेवन दिन मे 4 बार करे। गुर्दे में पथरी हो या पित्त की थेली की पत्थरी हो इस दवा के लेने के एक से डेढ़ महीने के अंदर पथरी सेक् राहत मिलने लगेगी।

3. बार बार पथरी होने की समस्या हो तो China 1000 नाम की होम्योपैथिक मेडिसिन की 2 –2 बूंद सुबह दोपहर व शाम को ले। ये दवाई आप को एक ही दिन लेनी है और ध्यान रहे की दवा की बूंदे सीधे आपको जीभ पर डालनी है।

पथरी में क्या खाये क्या ना खाये
-पथरी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाये अगर इस बात की सही जानकारी हो तो आप पथरी को बढ़ने से रोकने का उपाय आसानी से कर सकते है और साथ ही इससे बचने के उपाय भी हो सकते है।
-पथरी की समस्या होने पर तो चुना खाने से परहेज करना चाहिए। अगर आप चुने वाला पान खाते है तो इसे भी ना खाये।
-बीज वाले फल और सब्जी अधिक ना खाए।
-गुर्दे की पथरी में परहेज में नॉन वेज प्रोटीन ना खाए या कम मात्रा में खाये, इससे यूरिक एसिड स्टोन और कैल्शियम स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। मांस मछली मे कैल्शियम और प्रोटीन अधिक होते है इसलिए पथरी के रोग में इन्हें नहीं खाना चाहिए।
-नारियल पानी, केला, गाजर, चना, राजमा और करेला का सेवन करे, ये सब पथरी बढ़ने से रोकते है।
पित की पथरी में परहेज में तेज मसालेदार और वसा युक्त खाने का सेवन कम करे।
आहार में विटामिन सी अधिक मात्रा में ले।