नाभि खिसकने (धरण) के लक्षण और ठीक करने के आसान उपाय | News Raftaar

नाभि खिसकना जिसे धरण पड़ना और धरण गिरना भी कहते है, इस रोग में पेट में दर्द, दस्त, पेट फूलना और मरोड़ जैसी परेशानी होने लगती है।

अक्सर पेट दर्द ठीक करने की दवा और ट्रीटमेंट के बाद भी दर्द से छुटकारा नहीं मिलता, ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को समझ नहीं आता की ये दर्द किस कारण हो रहा है। ऐसे में इसके लक्षण की पहचान कर के ही सही तरीके से नाभि का इलाज हो सकता है। पहले के समय में हमारे दादा दादी घर पर जाँच कर के नाभि टलने के बारे में जान लेते थे और बिना दवा के देसी तरीका अपना कर नाभि खिसकने का उपचार कर लेते थे। बहुत से लोग धरण का इलाज के लिए झाड़ा, मंत्र और टोटके का सहारा लेते है। आज इस लेख में हम नाभि में दर्द ठीक करने के लिए योग आसान और उपाय जानेंगे

धरण गिरने की समस्या वैसे तो किसी को भी हो सकती है पर महिलाओं में ये परेशानी अधिक देखी जाती है। पुरुषों में नाभि हटने की समस्या ज्यादातर बाईं तरफ होती है और महिलाओं में ये दायें तरफ जादा होती है। आइये जानते है नाभि कैसे ठीक करें।

नाभि में दर्द के कारण
-हमारे शरीर में हज़ारों की संख्या में नाड़ियां होती है जिनका उदगम स्रोत नाभि स्थान है। ऐसे में किसी भी नाड़ी में कोई परेशानी होने पर उसका असर नाभि स्थान पर पड़ता है।
-समय पर आहार ना लेना, पूरी नींद ना लेना, कसरत ना करना और गलत जीवनशैली की वजह से हमारे शरीर की नाड़ियां कमजोर होने लगती है जिसका असर नाभिस्थान पर पड़ता है जिससे नाभि हटने की समस्या आती है।
-खेल कूद करते समय भी कई बार नाभि खिसक जाती है।
-अचानक से दाएं बाएं झुकना, अचानक भरी वजन उठाना, चलते चलते अचानक गड्ढे में पैर जाना, तेजी से सीढ़ियां चढ़ना उतरना और अचानक से एक पैर पर झटका लगने की वजह से नाभि खिसकने की परेशानी हो जाती है।
-पेट में गैस, पेट में कोई चोट लगना, ज्यादा तनाव लेना और प्रेगनेंसी में पेट पर दबाव पड़ना कुछ ऐसे कारण है जिससे नाभि का रोग हो सकता है।

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नाभि खिसकने के लक्षण :
-पेट दर्द और दस्त की समस्या नाभि टलने के प्रमुख लक्षण में से एक है पर पेट में दर्द किसी और कारण से भी हो सकता है ऐसे में कुछ अन्य तरीके भी है जिनसे नाभि खिसकने की पहचान की जा सकती है।
-नाभि खिसक जाने की पहचान करने का सबसे आसान तरीका है रोगी को लेटा कर नाभि दबा कर जांच करना। इसके लिए रोगी को पीठ के बल लेटा कर नाभि को उंगलियों से दबाए। अगर नाभि के निचे कोई धड़कन महसूस हो रही है तो नाभि अपनी जगह पर ही है और अगर धड़कन नाभि की निचे महसूस ना हो कर आस पास महसूस हो तो नाभि अपनी जगह पर नहीं है।
-धरण गिरने की पहचान के लिए एक और तरीका ये है की रोगी के दोनों हाथों की रेखाओं को मिला कर छोटी वाली उँगलियों की लम्बाई देखे। अगर दोनों हाथों की छोटी उंगली की लम्बाई में थोड़ा अंतर दिखे तो इसका मतलब है dharan खिसक गई है।
-धागे की मदद से भी पुरुष की नाभि चेक कर सकते है। एक धागा ले और अब नाभि से एक छाती के केन्द्रक के बीच तक दुरी नापें फिर धागे से नाभि और दूसरी छाती के केन्द्रक की दुरी नाप ले। अगर दोनों नाप अलग है तो नाभि अपनी जगह से खिसक गई है।

नाभि का खिसकना ठीक करने के उपाय और उपचार
1. 50 ग्राम गुड़ और 10 ग्राम सौंफ पीस कर मिला ले और सुबह खाली पेट इस मिश्रण को खाएं। अगर एक बार इस घरेलू नुस्खे को करने से नाभि ठीक ना हो तो अगले 2 से 3 दिन तक ये उपाय करे, इससे नाभि अपने स्थान पर आ जाएगी।

2. कला धागा पैर के अंगूठे पर बांधने से नाभि का बार बार हटना रुकता है।

3. नाभि खिसकने का इलाज के लिए पेट के योग आसन करे। इससे धरण जल्दी ही अपनी जगह पर आ जाएगी।

4. सुबह खाली पेट पीठ के बल लेट कर दोनों पैर पास लाए और सीधे करे व हाथों को जमीन पर सीधे रखे। अब अपने दोनों पैरों को एक साथ धीरे धीरे 45 डिग्री तक ऊपर उठाये फिर धीरे धीरे निचे करे। इस आसन को 3 बार दोहराए, नाभि अपनी जगह पर आ जाएगी। इसे योग में उत्तानपादासन कहते है।

5. धरण निकालने के लिए पीठ के बल लेट कर दोनों पैर सीधे रखे फिर एक पैर को मोड़ कर दोनों हाथों से पकड़ ले, इस दौरान दूसरा पैर सीधा ही होना चाहिए। जिस तरह एक छोटा बच्चा एक पाइर पकड़ कर उसका अंगूठा मुंह में लेते है ठीक वैसे ही पेअर के अंगूठे को धीरे धीरे नाक की तरफ लाए। अब धीरे धीरे अपना पैर सीधा कर ले और अब यही क्रिया दूसरे पैर से करे। इस आसन को योग में पादांगुष्ठनासास्पर्शासन कहते है।

6. रोगी को सीधा लेटा कर सूखे आंवले का आटा बना ले और इसमें अदरक का रस मिला कर नाभि की चारों तरफ बाँध दे और रोगी को 2 घंटे सीधे ही लेटा कर रखे। दिन में 2 बार इस उपाय को करने से दस्त ठीक होते है और नाभि अपनी जगह पर आ जाती है।

7. कुछ लोग अपने आप ही पेट पर तेल लगा कर नाभि टलने का इलाज करने की कोशिश करते है, ये तरीका सही नहीं है। धरण कैसे निकाले इसकी पूरी जानकारी के बाद ही खुद से इलाज की सोचे।

8. धरण ठीक करने के उपाय करने के साथ साथ कुछ परहेज करने जरुरी है जैसे की भरी वजन उठाने से बचे।

9. हमारे बड़े बुजुर्ग अपने हाथों से ही नाभि को अपनी जगह पर ले आते थे पर जब तक आप नाभि ठीक करने का सही तरीका ना सिख ले तब तक किसी भी प्रकार के प्रयोग से बचे क्योंकि अगर नाभि सही जगह आने की बजाय कहीं और खिसक जाये तो इससे कई दूसरे रोग भी हो सकते है।

10. अगर आप की मांसपेशियां कमजोर है और बार बार nabhi khisakne की समस्या होती है तो योग और व्यायाम से इन्हें मजबूत करे।

धरण का इलाज में क्या खाएं
-तली हुई और तेज मसालेदार चीजें खाने से परहेज करे।
-मूंग दाल की खिचड़ी खाये और भारी खाने का सेवन ना करे।
-एक चम्मच आंवले के रस में 5 से 6 बूंदे अदरक के रस की मिला कर पिए।
-तुलसी के पत्तों का रस और 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन करे।
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नाभि खिसकने से परेशानी
-नाभि का ऊपर खिसकने पर कब्ज और गैस की दिक्कत हो जाती है और लंबी अवधि में अस्थमा, डायबिटीज और सांस के रोग हो सकते है।
-निचे की और नाभि खिसक गई है तो दस्त की समस्या हो जाती है।
-बाईं और खिसक जाये तो खांसी, सर्दी, जुखाम और कफ की परेशानी आती है।
-दाईं और जाने पर लिवर पर इसका असर पड़ने लगता है, एसिडिटी और अपच हो जाती है।