प्रेगनेंसी में कैसे और कितना सोना चाहिए, जानिए सोने का सही तरीका | News Raftaar

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अपना और गर्भ में पल रहे बच्चे का खास ध्यान रखना होता है जिसके लिए सबसे अहम है खाने पीने का ख्याल रखना, जरुरी आराम करना व प्रेग्नेंट लेडी को कैसे बैठना सोना और रहना चाहिए इसकी जानकारी होना।

महिला को आराम तभी मिल सकता है जब वो अच्छी नींद सोये। इससे बच्चा और महिला दोनों स्वस्थ रहते है पर गर्भावस्था में कुछ महिलाएं ऐसी छोटी छोटी गलतियां कर देती है जो माँ और बेबी के लिए हानिकारक होती है। प्रेगनेंसी में महिला को अपने सोने के तरीके को बदलना जरुरी होता है। अगर सोने की पोजीशन सही हो तो बच्चे और महिला के लिए अच्छा होता है। आज इस लेख में हम जानेंगे 1 मंथ से 9 मंथ तक की प्रेगनेंसी में किस तरफ व कितना सोना चाहिए

प्रेगनेंसी में कितना सोना चाहिए
-गर्भवती महिला के लिए 6 से 8 घंटे की गहरी नींद जरुरी होती है।
-1 से 3 मंथ में गर्भवती महिला को ज्यादा नींद चाहिए होती है पर इस दौरान महिला को रात में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जैसे बार बार पेशाब करने जाना।
-3 से 6 मंथ में महिला की नींद में सुधार आता है।
-पर जैसे जैसे महिला 9 महीने की तरफ बढ़ती है पेट का आकार बढ़ने की वजह से सोने में फिर से दिक्कत आने लगती है जैसे सीने में जलन होना।

प्रेगनेंसी में कैसे सोना चाहिए सही तरीका
प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते है इसलिए महिला को आराम की जरुरत होती है। पेट का आकार बढ़ने के बाद ठीक से सोना मुश्किल होता है ऐसे अगर महिला सही तरीके से ना सोये तो माँ और बच्चे को दिक्कत हो सकती है और बच्चे का विकास ठीक से नहीं हो पाता।

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1. पीठ के बल ना सोये

-प्रेगनेंसी के एक महीने से तीसरे महीने तक गर्भवती महिला पीठ के बल सो सकती है। शुरुआत के दिनों में महिला का सीधा सोना अच्छा है।
-पर जैसे जैसे पेट बढ़ने लगता है पीठ के बल सोने से कई शारीरिक समस्याएं हो सकती है। 3 से 9 मंथ में पीठ के बल लेटना ठीक नहीं है।
-गर्भावस्था के 6 से 9 महीने में पीठ के बल लेटने से गर्भ का पूरा भार सीधे पीठ पर पड़ता है जिस कारण पीठ दर्द करने लगती है।
-इस दौरान पीठ के बल लेटने की जगह दांई तरफ सोना थोड़ा अच्छा है पर सबसे अच्छा होता है बांई तरफ सोना।
-दाईं तरफ सोने से भी बचना चाहिए। दाईं करवट सोने से लिवर पर दबाव पड़ता है।

2. बांई तरफ सोएं

-प्रेगनेंसी में सोने का सही तरीका है बांई तरफ सोएं। अगर बांई तरफ सोने में कुछ परेशानी हो तो दोनों टांगों के बीच में तकिया रख ले।
-बाईं तरफ करवट लेकर सोने से गर्भ और किडनी तक खून का प्रवाह ठीक से हो पाता है और कमर में दर्द की शिकायत भी नहीं होती।
-इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और बच्चे को विकास के लिए पोषण व ऑक्सीजन मिलता है।
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3. पेट के बल कभी नहीं सोना चाहिए

-प्रेग्नेंट लेडी को पेट के बल नहीं सोना चाहिए इससे बच्चे और माँ दोनों को नुकसान हो सकता है।
-पेट बल सोने से बेबी की पोजीशन बदलने की संभावना अधिक होती है और डिलीवरी के समय परेशानी आ सकती है।
-अगर पेट के बल हो तो पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्या आ सकती है।

प्रेगनेंसी में अच्छी नींद के उपाय:
-गर्भावस्था के दौरान हर महीने पेट का आकार बढ़ता है जिससे सोने में दिक्कत होती है। इसलिए महिला को अपने सोने के तरीके में थोड़ा बदलाव करते रहना चाहिए जिससे आराम मिल सके।
-रात को सोने के लिए समय बनाये और प्रयास करे हर रोज उसी समय सोने को जाये। ऐसा करने पर नींद आसानी से आ जाएगी।
-दिन के समय ज्यादा ना सोये इससे रात को नींद नहीं आती। दिन में आप आराम कर सकते है।
रात को ज्यादा पानी ना पिए इससे बार बार पेशाब लग सकता है जिससे नींद खुलती है और अच्छी नींद नहीं मिल पाती।
-पैरों में ऐंठन के कारण अगर नींद नहीं आ रही हो तो पैर दबाने से इसमें आराम मिलता है।
अपने चिकित्सक की सलाह से योग और एक्सरसाइज करे इससे नार्मल डिलीवरी में भी मदद मिलती है।
-गर्भवती महिला को तनाव होना सामान्य है पर इससे बचना चाहिए।
खाने पीने में अच्छा पौष्टिक आहार ले ताकि बच्चे को पोषण मिले और चाय कॉफी व कोल्ड ड्रिंक से दूर रहे।
-माँ और बच्चे की सेहत अच्छी रहे इसलिए फास्ट फूड और धूम्रपान जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा ना ले।