बवासीर को जड़ से खत्म करते हैं ये 5 आयुर्वेदिक उपचार | News Raftaar

बवासीर को piles और hemorrhoids भी कहते है, ये रोग काफी दर्द भरा होता है। बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने के लिए कुछ रोगी अंग्रेजी दवा का सहारा लेते है तो कुछ लोग देसी घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक तरीके प्रयोग करते है।

पाइल्स से जल्दी छुटकारा पाने के लिए इलाज के साथ साथ खाने पिने में परहेज करना भी जरुरी है, इसलिए रोगी को इस बात की जानकारी होना जरुरी है की बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या क्या खाना चाहिए। आज इस लेख में हम जानेंगे केला, लहसुन और हल्दी बवासीर का इलाज करने में कैसे उपयोगी है

बवासीर के कारण
-कब्ज होना बवासीर के रोग का प्रमुख कारण है।
-मिर्च मसालेदार और तले हुए पदार्थों का अधिक सेवन करना।
-लम्बे समय तक एक ही जगह बैठे रहना।
-धूम्रपान और शराब का जादा सेवन करना।
-शारीरिक व्यायाम ना करना।

बवासीर में क्या खाएं और क्या न खाए
किसी भी रोग से राहत पाने के लिए जितना जरुरी दवा लेना है उतना ही जरुरी परहेज करना भी है। आहार में अगर सही फ़ूड खाए तो शरीर को जरुरी पोषक तत्व मिलते है जिससे रोग जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है।

1. हल्दी से बवासीर का इलाज करने में काफी मदद मिलती है। हल्दी में एंटी सेप्टिक गुण होते है जो सूजन कम करने और घाव जल्दी भरने में मददगार है।

2. गुनगुने पानी या बकरी के दूध में काला नमक और हल्दी मिला कर पिने से बवासीर में आराम मिलता है।

3. मूली पर haldi छिड़क कर दिन में 2 से 3 बार खाये।

4. गुनगुने दूध में हल्दी मिला कर पिने से बवासीर के संक्रमण से बचाव होता है।

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5. बवासीर के मस्से से राहत पाने के लिए आधा चम्मच हल्दी को 1 चम्मच देसी घी में मिलाकर इसका पेस्ट मस्सों पर लगाए। देसी घी के इलावा एलोवेरा जेल भी प्रयोग कर सकते है।

6. केला भी पाइल्स का इलाज में लाभदायक है। पका हुआ केला (banana) बीच से काट कर 2 हिस्से कर ले। अब इस पर कत्था छिड़क कर रत भर के लिए खुले आसमान के निचे छोड़ दे और सुबह इस केले को खा ले। 1 हफ्ता इस उपाय को करने पर कैसी भी बवासीर हो आराम मिलने लगता है।

7. लहसुन बवासीर का दर्द दूर करने में काफी उपयोगी है। हर रोज रात को सोने से पहले लहसुन की एक कली पानी के साथ ले। 5 से 7 दिन ये उपाय करने से आप को bawaseer में आराम मिलने लगेगा। जिन लोगों को एसिडिटी की शिकायत हो वो लहसुन कम मात्रा में ले।

8. बवासीर के मस्से का इलाज करने के लिए रात को सोने से पहले लहसुन की एक कली छील कर गुदा के अंदर डालें, शुरुआत में इस उपाय को करने से काफी दर्द हो सकता है। (इस नुस्खे को करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर ले।)

बवासीर में क्या खाना चाहिए
-सब्जी में ब्रोकली, मटर, खीरा, पालक, जिमीकंद, चुकंदर, टमाटर, गाजर, परवल, मूली, कुल्थी।
-फलों में केला, पपीता, अनार, सेब, अंजीर, कच्चा नारियल, आंवला।
-अपनी diet में मूंग की दाल, पुराने चावल, गेंहू ज्वार के आटे की चोकर के साथ बनी रोटी, जौ, दलिया खाएं।
-हर रोज अपने आहार में मूली खाये और भोजन के बाद 2 से 3 अमरुद खाए।
-छाछ में थोड़ी अजवाइन और काला नमक मिला कर पिए, आप दही की लस्सी बना कर भी पी सकते है।
-बादाम में फाइबर अधिक मात्रा में होता है बवासीर का अचूक इलाज करने के लिए प्रतिदिन सुबह -3 बादाम चबा चबा कर खाएं। बवासीर के मस्से पर बादाम का तेल लगाने से खुजली और सूजन में राहत मिलती है।
-पाइल्स होने पर पानी अधिक मात्रा में पिए।

बवासीर में क्या ना खाएं
-ज्यादा मिर्च मसालेदार, खटाई और जादा चटपटा खाने से परहेज करे।
-उड़द की दाल, बासी खाना, मांस मछली ना खाये।
-बवासीर में परहेज में आलू, बैंगन, डिब्बा बंद फ़ूड, सीताफल और गुड़ के सेवन से बचे।
-ज्यादा चाय और कॉफ़ी ना पिए।
-धूम्रपान, तम्बाकू और शराब का सेवन ना करे।