राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है

इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है, लेकिन कुछ लोग इसे गरीब रखना चाहते हैं, राजनीति सेवा के लिए होती है लेकिन आज लोगों को दबाने की राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में आग और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, एक बार आग लगाने के बाद इसे बुझाना मुश्किल है।

राहुल ने कहा कि बीजेपी पूरे देश में आग लगाने में जुटी है, पीएम मोदी देश को पीछे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में केवल कांग्रेस और उसके प्यारे कार्यकर्ता ही बीजेपी को रोक सकते हैं। हम कांग्रेस को एक ग्रैंड ओल्ड और यंग पार्टी बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम क्रोध की राजनीति से लड़ते रहेंगे।

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राहुल ने कहा कि हम बीजेपी की कार्यप्रणाली से सहमत नहीं हैं। वो तोड़ते हैं और हम जोड़ते हैं। राहुल ने कहा कि मैं हमेशा दिग्गजों के नेतृत्व में काम करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्राचीन भारत की तस्वीर है।

राहुल गांधी ने सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की मौजूदगी में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष एम रामचंद्रन ने राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर प्रमाणपत्र सौंपा। इस मौके पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में डर का माहौल है, राहुल मुश्किल दौर में पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सोनिया ने कहा- राजनीतिक हमलों से राहुल बने मजबूत

सोनिया गांधी ने राहुल को आर्शीवाद और बधाइयां दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सामने नया दौर और उम्मीदें हैं। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में यह मेरा आखिरी संबोधन है। सोनिया ने कहा कि गांधी परिवार का हर सदस्य देश की आजादी के लिए जेल गया। इंदिरा ने उन्हें बेटी की तरह अपनाया।

सोनिया ने कहा कि इंदिरा की हत्या ने मेरा जीवन बदल दिया। मैं अपने पति और बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी, लेकिन फिर मेरा सहारा, मेरे पति को भी मुझसे छीन लिया गया है, वो मेरे लिए बहुत मुश्किल दौर था। उन्होंने कहा कि हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं।

सोनिया ने कहा कि देश में भय का माहौल बनाया जा रहा है। ये एक नैतिक लड़ाई है। हम सत्ता के लिए नहीं देश की सेवा के लिए लड़ रहे हैं। राहुल मेरा बेटा है, इसलिए उसकी तारीफ करना सही नहीं, लेकिन उसमें पार्टी के प्रति पूरा समर्पण है। राजनीतिक हमलों ने राहुल को मजबूत बनाया।

आपको बता दें कि सोनिया को अपने संबोधन को बीच में ही रोकना पड़ा क्योंकि कांग्रेस समर्थक लगातार आतिशबाजी कर रहे थे। हालांकि कुछ देर में उनका भाषण फिर से शुरू हो गया।