Skin care

उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा पर उम्र का प्रभाव दिखना शुरू हो जाता है। आमतौर पर 35 की उम्र के बाद आंखों के नीचे काले घेरे, गहरी लकीरें और त्वचा में ढीलापन आना शुरू हो जाता है। खानपान और प्रदूषण की वजह से ये प्रभाव कई बार जल्दी शुरू हो जाता है और आप कम उम्र में ही बूढ़ी दिखने लगती हैं। मगर अगर आप टीनेज से ही अपनी त्वचा का अच्छी तरह खयाल रखें, तो उम्र के प्रभाव को कम किया जा सकता है। आइये आपको बताते हैं कुछ ऐसी टिप्स जिनको अपनाकर आप अपनी उम्र को रोक सकती हैं और ज्यादा समय तक जवां बनी रह सकती हैं।

एंटी एजिंग आहार
फलों, सब्जियो व अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को युवा बनाए रखते हैं। ये फ्री रेडिक्लस को निष्क्रिय करते हैंष दो एंटीऑक्सीडेंट्स हैं विटामिन ए और सी। अनार, रसभरी, स्ट्राबेरी, अंगूर और मूंगफली में काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसके अलावा ग्रीन टी, हल्दी और डार्क चॉकलेट्स में भी एंटी एजिंग तत्व पाए जाते हैं। जानें एंटी एजिंग केमिकल्स कौन से हैं-

  • फलों में पाए जाने वाले पॉलीफिनोल और एंथोसाइनिंस जैसे तत्व स्किन सेल्स को फ्री रेडिक्लस, प्रदूषण और धूल से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  • लाइकोपीन भी एंटिग एजिंग तत्व है, जो टमाटर , अंगूर, गाजर, अमरूद, लाल मिर्च, खरबूजा, तरबूज जैसे फलों में पाया जाता है। यह स्किन को मुलायम बनता है और सनबर्न से बचाता है।
  • आइसोफ्लेवोंस सोया और टोफू में पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा में कसाव देने वाले कोलाजेन हैं।
  • ईपीए या इकोसपेंटेनॉइक एसिड ओमेगा-3 फैट्स में से एक है जो त्वचा में कसाव लाने वाले प्रोटीन कोलाजेन को बचाता है। ईपीए अन्य अम्ल डीएचए यानी डोकोसाहेक्सानॉइक एसिड जैसे ओमगा-3 के साथ मिलकर स्किन कैंसर जैसे रोगों से भी बचाव करता है।
  • कोको में मिलने वाला इपिकेटचिन तत्व स्किन के टेकस्चर को ठीक करता है, रक्त संचार को सुचारु बनाता है, न्यूट्रिएंट्स व ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाता है।

अपनाएं ये डाइट
जवां दिखने के लिए कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखना जरूरी है। एक उम्र के बाद फैट की मात्रा कम करना अनिवार्य है। एनिमल प्रोडक्ट्स के बजाय शाकाहार की ओर बढ़ें। फैट बस्टर डाइट को डिटॉक्स डाइट भी कहते हैं। क्योंकि ये शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूर करते हैं। डिटॉक्स डायट का अर्थ है खान पान में अधिकाधिक फ्रूट्स, वेजेटेबल्स, पेय पदार्थ शामिल करना और जंक, प्रोसेस्ड फूड सहित एल्कोहल और कैफीन से दूरी रखना।

पोलीसैच्युरेटेड फैट्स जैसे सनफ्लावर सीड ऑयल ब्लड कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करता है। वॉटर सॉल्युबल फाइबर भी सिस्टम से कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। वॉटर सॉल्युबल फाइबर सिस्टम भी कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। बींस, ओट के अलावा सेब और संतरे मे ये तत्व मिलते हैं। फिश , खासतौर पर सालमन और मैक्रेल भी त्वचा को जवां बनाएरखने के लिए जरूरी है। इनमें भी इपीए एसिड पाया जाता है।

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ऐसी हो जीवनशैली
जीवनशैली और उम्र में गहरा संबंध है। जीवनशैली में कुछ बदलाव करके उम्र को हावी होने से रोका जा सकता है। कुछ टिप्स-

  • सप्ताह में कम से कम पांच दिन 30-45 मिनट तक ब्रिस्क वॉक करें। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं, ऑस्टिपोपरोसिस की आंशका कम होती है। ऐरोबिक एक्सरसाइज हाई बल्ड प्रेशर और हृदय रोग से बचाती हैं, ब्लड क्लॉटिंग रोकती है।
  • बॉडी मास इंडेक्स वह पैमाना होता है जो सेहत का पता देता है। 25 वर्षीय स्त्री ओवरवेट होने पर 40 की दिख सकती है लेकिन 40 साल की महिला संतुलित खनपान औरव्यायाम के बल पर 25-30 की दिख सकती है। अगर बॉडी वेट आपके आदर्श वजन से 20 प्रतिशत अधिक है तो इसे कम करें, क्योंकि यह न सिर्फ उम्र को 10-15 साल आगे बढ़ा देगा बल्कि कई रोगों से भी ग्रस्त कर देगा।
  • चेहरे की सुंदरता बरकरार रखने के लिए दांतों व आंखों की देखभाल जरूरी है। खासतौर पर 40 के बाद इनमें प्रॉब्लमस शुरू हो जाती हैं। शुरु से इसका ध्यान रखें।
  • तनाव वह कारण है, जो चेहरे की रौनक खत्म कर देता है। जवां दिखने के लिए खुद को तनावमुक्त रखें। दबाव से शरीर की स्वाभाविक संतुलन बिगड़ता है, हार्मोंस सीक्रेशन, सेल्स और कोलाजेन प्रोडक्शन बिगड़ता है। एक शोध कहता है कि लगातर दबाव से मस्तिष्क की उम्र बढ़ती है, इसलिए सुकून से जिएं। यह तभी संभव है, जब रोज कुछ पल दिमाग को आराम दें। अच्छा संगीत सुनें, फिल्म या कॉमेडी शो देखें, सुबह-शाम सैर करें और सात से आठ घंटे की नींद लें।
  • त्वचा को नियमित देखभाल करें। स्किन ऑयली है तो कम से कम दो बार किसी अच्छे क्लींजर से चेहरा साफ करें और टोनिंग करें। धूप से बाहर निकलने से 20-30 मिनट पहले एसपीएफ -युक्त सनस्क्रीन लगाएं।
  • उम्र के साथ हर वर्ष औसतन एक प्रतिशत तक बोन मास नष्ट होता है। बोन मिनरल्स नष्ट होने से हड्डियां कमजोर होती है और फ्रैक्चर्स की आंशका बढ़ती है। वेट बियरिंग एक्सरसाइज जैसे साइक्लिंग, वॉक, स्विमिंग या वेट ट्रेनिंग से हड्डियां मजबूत होती हैं। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।
  • कैफीन और एल्कोहल का सेवन सीमित मात्रा में करें। स्मोकिंग उम्र को तेजी से बढ़ाती है रोगों को दावत देती है।
  • चलने-फिरने, बैठने और लेटने के पोशचर को ठीक रखें। युवा दिखने के लिए शरीर को शेप में रखना जरूरी है और इसके लिए आदतें सुधारनी होंगी। पीठ के बल सोएं, करवट लेकर सोने से ‘क्लीवेज रिंकल्स ‘ बढ़ते हैं। पेट के बल सोने से भी गले, चेहरे, छाती में स्लीप लाइंस पड़ने लगती हैं।
  • त्वचा की नमी बनाए रखें। इसके लिए मॉश्चरराइजर का प्रयोग करें। चेहरे को साबुन से बार-बार धोने की बजाय किसी केमिकल रहित फेसवॉश का प्रयोग करें।