Baba ramdev

योग गुरू बाबा रामदेव ने दावा किया है कि अगर सरकार उन्हें इजाजत दे तो वह देश में 35 से 40 रुपये लीटर पेट्रोल और डीजल बेच सकते हैं. देश में जहां एक लीटर पेट्रोल 90 रुपये प्रति लीटर तक है, बाबा रामदेव ने महज 35 से 40 रुपये लीटर पेट्रोल-डीजल बेचने का दावा करते हुए मांग की है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी टैक्स स्लैब के न्यूनतम दर यानी पांच फीसदी पर शामिल किया जाना चाहिए.

बाबा रामदेव ने कहा कि मौजूदा समय में पेट्रोल-डीजल की कीमत आम आदमी की जेब को खाली करने का काम कर रही है. वहीं जीएसटी में यदि 28 फीसदी के टैक्स दर पर पेट्रोल-डीजल को शामिल किया गया तो आम आदमी को राहत नहीं मिलेगी.

एनडीटीवी युवा कार्यक्रम के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने पर केन्द्र सरकार के रुख पर बाबा रामदेव ने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने से सरकार के राजस्व में नुकसान हो रहा है तो वह इसकी भरपाई देश में अमीर लोगों पर अधिक टैक्स लगाकर कर सकती है.

यह भी पढ़ें – पेट्रोल-डीज़ल: मुंबई में कीमतें 90 के करीब, कर्नाटक में 2 रुपए सस्ता हुआ

GST हो लागू तो तुरंत 89 से 60 रुपये लीटर आ जाएगा पेट्रोल, डीजल होगा 50 का

देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल औऱ डीजल की कीमतों ने मोदी सरकार के सामने कड़ी चुनौतियां रख दी है. एक तरफ जहां वैश्विक मुद्रा बाजार में लगातार डॉलर के मुकाबले रुपये की ताकत कम हो रही है वहीं कमजोर रुपये के चलते उसे महंगे क्रूड ऑयल को खरीदने के लिए अधिक डॉलर खर्च करना पड़ रहा है.

ईरान पर लगा अमेरिकी प्रतिबंध और भारत समेत अन्य देशों द्वारा इस प्रतिबंध को मांगने की अंतिम तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रही है. ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से राजस्व के नुकसान को बचाने में लगी है.

गौरतलब है कि यदि मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में महज 1 रुपये की कटौती करे तो केन्द्रीय राजस्व को 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इस नुकसान से केन्द्र सरकार के लिए वित्तीय घाटा को जीडीपी के 3.3 फीसदी के लक्ष्य पर रखना नामुमकिन हो जाएगा. केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 15.33 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है.