जॉनसन बेबी के प्रोडक्ट्स से बच्चों में कैंसर का खतरा, सैंपल जब्त | News Raftaar

ड्रग्स रेगुलेटर की तरफ से तेलंगाना स्थित ड्रग इंस्पेक्टर सुरेन्द्रनाथ साई ने कहा है कि छपी खबरों को आधार मानते हुए कंपनी के खिलाफ कारवाई की गई है और फिलहाल सैंपल लेकर उनकी सघन जांच की जाएगी.

देश में ड्रग्स रेगुलेटर ने जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर का सैंपल हिमाचल प्रदेश में कंपनी की फैक्ट्री से जब्त किया है. ड्रग्स रेगुलेटर की तरफ से यह कदम जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ लगे आरोप के बाद उठाया गया. न्यूज एजेंसी रायटर की खबर के मुताबिक दुनिया का सबसे मशहूर और 100 साल से अधिक पुराना जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए जाने की संभावना है.

ड्रग्स रेगुलेटर ने खबरों के आधार पर फैक्ट्री से बेबी पाउडर का सैंपल एकत्र कर लिया है क्योंकि ड्रग्स रेगुलेटर का मानना है कि यदि पाउडर में कैंसर वाले तत्व हैं तो इससे बड़ी संख्या में बच्चों को नुकसान पहुंच रहा है.

रायटर ने बीते हफ्ते दावा किया था जानसन एंड जानसन को इस बात की जानकारी बीते कई दशख से है कि उसके बेबी प्रोडक्ट में कैंसर के तत्व हैं. इसके बावजूद कंपनी ने जानबूझ कर इस तथ्य को छिपाने का काम किया है.

जॉनसन एंड जॉनसन ने हिमाचल प्रदेश से सैंपल लिए जानें पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है हालांकि मंगलवार को कंपनी ने दावा किया था कि बेबी पाउडर में कैंसर के कण पाए जाने की खबर एक तरफ है और पूरी तरह गलत और भड़काऊ है. कंपनी ने यह भी दावा किया कि एक लाख से अधिक लोगों पर किए गए रीसर्च में भी किसी को कैंसर होने के प्रमाण नहीं मिले हैं.

वहीं ड्रग्स रेगुलेटर की तरफ से तेलंगाना स्थित ड्रग इंस्पेक्टर सुरेन्द्रनाथ साई ने कहा है कि छपी खबरों को आधार मानते हुए कंपनी के खिलाफ कारवाई की गई है और फिलहाल सैंपल लेकर उनकी सघन जांच की जाएगी.

वहीं रायटर ने दावा किया है कि उसने कंपनी की आंतरिक रिपोर्ट, गोपनीय दस्तावेज और 1971 से 2000 तक हुई कानूनी प्रक्रिया को आधार मानते हुए यह नतीजा दिया है कि कंपनी को बेबी पाउडर में समय-समय पर आपत्तिजनक तत्व मिले हैं. वहीं यह भी साफ है कि कंपनी को इस बात की पूरी जानकारी है और वह इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने न तो रेगुलेटर को और न ही ग्राहकों को इस संबंध कोई जानकारी देने का काम किया है. रायटर ने दावा किया है कि इन दशकों के दौरान बेबी पाउडर में कम मात्रा में एसबेस्टस पाया गया है.