छत्तीसगढ़ की ममता त्रिपाठी ने बनाई कैंसर की सबसे सस्ती दवा, 1 गोली में जड़ से खत्म होगा कैंसर | News Raftaar

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बहुत कम लोग अपनी जान बचा पाते हैं। इसकी वजह है समय पर इस बीमारी के बारे में जानकारी ना होना। क्योंकि कैंसर बहुत तेजी से शरीर को कमज़ोर बनाता जाता है, कैंसर ट्यूमर शरीर में इतनी रफ्तार से फैलता है कि इलाज असंभव हो जाता है। लेकिन छत्तीसगढ़ की एक रिसर्चर ने इस जानलेवा बीमारी का इलाज ढूंढ निकाला है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर की एक रिसर्चर ममता त्रिपाठी कैंसर की दवाई खोज निकाली है। उनका कहना है इस दवाई से कैंसर सेल्स को 70 से 80 प्रतिशत तक खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ” इस दवाई को लैब में टेस्ट किया गया, जिसमें हमें सफलता मिली। अब हमारा अगला कदम होगा इस दवाइयों को चूहों पर इस्तेमाल करना। इस दवाई की खोज में हमें 4 से 5 साल का समय लगा।” वहीं, हाल ही में सोनाली बेंद्रे भी हाई ग्रेड कैंसर का शिकार हुईं। सोनाली ही नहीं इरफान खान भी कैंसर से जूझ रहे हैं। इनके अलावा भी कई बॉलीवुड स्टार्स कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का शिकार हो चुके हैं।

क्या होता है कैंसर
शरीर कई प्रकार कि कोशिकाओं से बना है। यह कोशिकाएं शरीर में बदलावों के कारण बढ़ती रहती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं, तब यह शरीर के बाकि हिस्सों को अपना काम करने में दिक्कत देती हैं। जिससे उन हिस्सों पर कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गांठ या ट्यूमर बन जाता है। इस अवस्था को कैंसर कहते हैं। यही ट्यूमर घातक होता है और बढ़ता रहता है।

कैसे फैलता है कैंसर
यह ट्यूमर शरीर में खून के जरिए शरीर के बाकि हिस्सों में फैलता है। इस प्रक्रिया को मेटास्टैसिस कहते हैं। इसमें कैंसर सेल्स बढ़कर नया ट्यूमर बनाती हैं। सबसे पहले ये सेल्स शरीर को इंफेक्शन से बचाने वाले अंग लिम्फ नोड यानि लसीकापर्व में फैलती हैं। लिम्फ नोड गले, प्राइवेट पार्ट्स और अंडर आर्म्स में मौजूद होते हैं। इनके अलावा कैंसर खून या ब्लड स्ट्रीम के जरिए हड्डियों, लीवर, फेफड़ों और दिमाग में फैलता है। इन जगहों पर फैलने के बाद कैंसर जिस जगह से शुरू होता है उसे वही नाम दिया जाता है। जैसे ब्रेस्ट कैंसर फेफड़ों में फैले तो उसे मेटास्टैसिस ब्रेस्ट कैंसर कहा जाएगा, ना कि लंग कैंसर।

कैंसर के कारण
कैंसर के आम लक्षणों में धूम्रपान, तम्बाकू, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब डाइट, एक्स-रे से निकली रेज़, राडोन रेज़, सूरज ने निकलने वाली यूवी रेज़, इंफेक्शन, फैमिली के जीन आदि होते हैं।

कैंसर के स्टेज
आपने अक्सर सुना होगा कि डॉक्टर कैंसर को स्टेज के हिसाब से मरीज़ों को बताते हैं। जैसे पहले स्टेज पर या आखिरी स्टेज पर। इस स्टेज के हिसाब से ही डॉक्टर मरीज़ों का इलाज सुनिश्चित करते हैं। जैसे पहली और दूसरी स्टेज (स्टेज 1 और 2) का मतलब है कैंसर अभी ज़्यादा शरीर में नहीं फैला है। हाई या फिर तीसरे स्टेज (स्टेज 3) का मतलब है कैंसर सामान्य से ज़्यादा शरीर में यह फैल चुका है। आखिरी स्टेज यानि (स्टेज 4) कैंसर पूरे शरीर में फैल चुका है।

कैंसर के लक्षण
इसके लक्षण अलग-अलग प्रकार के कैंसर पर आधारित होता है। जैसे ब्रेस्ट कैंसर में निपल्स के आस-पास गांठ होना, मेटास्टैसिस ब्रेस्ट कैंसर में थकान, लंग्स और दिमाग में तेज़ दर्द होता है। लेकिन सबसे आम लक्षणों में मूत्राशय की आदतों में बदलाव, गले में खराश, स्तनों और टेस्टिकल्स का मोटा होना या गांठ पड़ना, खाना निगलने में कठिनाई, शरीर पर मौजूद मस्सों या तिल का रंग और आकार बदलना, अचानक वजन का बढ़ना और कम होना, ज़्यादा थकान, उलटी, बार-बार बुखार और बीमार होना, होता है। ये हैं कैंसर के वो 5 खतरनाक लक्षण जिन्हें पुरुषों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

फूड जो कैंसर से आपके शरीर को बचाते हैं
इन लक्षणों के बाद डॉक्टर अपना इलाज शुरू करते हैं लेकिन आप पहले से ही इस बीमारी से लड़ने के लिए अपने शरीर को तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आपको करना होगा अपनी डाइट में इन 10 चीज़ों को शामिल।

कितने प्रकार के होते हैं कैंसर
लगभग 100 से ज़्यादा कैंसर होते हैं। लेकिन सबसे आम स्किन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, मेलानोमा, लिम्फोमा, किडनी कैंसर और ल्यूकेमिया हैं। इस कैंसर से होती है महिलाओं की सबसे ज़्यादा मौत, कारण है जांच से शर्माना

कैंसर का इलाज
डॉक्टर कैंसर की स्टेज, मरीज की बीमारियों का इतिहास और लक्षणों देखकर इलाज करता है। आमतौर पर इसका इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन से किया जाता है।

सर्जरी
इसमें डॉक्टर इफेक्टिड एरिया को शरीर से अलग करते हैं। जैसे ब्रेस्ट कैंसर होने पर ब्रेस्ट को हटा दिया जाता है। प्रोस्टेट कैंसर होने पर प्रोस्टेट ग्लैंड को निकाल दिया जाता है। सभी तरह के कैंसर में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। जैसे ब्लड कैंसर को सिर्फ दवाइयों से ठीक किया जा सकता है।

कीमोथेरेपी
इसमें ड्रग्स या दवाइयों के जरिए कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है। कुछ कीमो में आईवी (नसों में सुइयों के जरिए) से ठीक किया जाता है, कुछ में आपको दवाई दी जाती है। यह दवाइयां पूरे शरीर में अपना असर दिखाती हैं और हर जगह फैले कैंसर को खत्म करती हैं।

रेडिएशन
इसमें कैंसर की बढ़ती सेल्स को रोका और उन्हें मारा जाता है। कभी-कभार सिर्फ रेडिएशन या फिर सर्जरी और कीमो के दौरान इससे इलाज किया जाता है। इसमें आपके पूरे शरीर को एक्स-रे मशीन में डाला जाता है, और कैंसर सेल्स को खत्म किया जाता है।