LASA-virus
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निपाह वायरस के बाद दुनिया में लासा वायरस का कहर सामने आया है। हाल ही में नाइजीरिया में एक वायरल संक्रमण ‘लासा बुखार’ के बहुत भयानक मामले सामने आए है। इस संक्रमण के चपेट में आने की वजह से बहुत से लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये संक्रमण चूहों के मल-मूत्र से फैल रहा है।

इस संक्रमण के अधिकतर मामले पश्चिम अफ्रीका के देशों में देखने को मिल रहे हैं। लासा बुखार एक गंभीर वायरल हीमोरेजिक बीमारी है, जो लासा वायरस से फैलता है। यह एरेनावाइरस परिवार का सदस्य है।

कैसे फैलता है लासा बुखार?
कई रिसर्च में सामने आया है कि लासा वायरस मनुष्यों में संक्रमित चूहों के मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। जिस स्‍थान में भारी तादाद में चूहें मल-मूत्र त्‍यागते है, उस स्‍थान में एरोसोलाज्ड नामक तत्‍व बनने लगता है। जो हवा में घुलकर सांसों के जरिए शरीर में प्रवेश कर संक्रमितकर देता है और इसके अलावा संक्रमित चूहों को भोजन के रूप में खाने से या संक्रमित चूहों के द्वारा खाना दूषित करने से यह बीमारी होने की सम्‍भावना रहती है। व्यक्तिगत रूप से संक्रामक तरल पदार्थ (उदाहरण के लिए, रक्त, मूत्र, फेरेंजील स्राव, उल्टी या शरीर के अन्य स्राव) के साथ सीधे संपर्क में आने से यह रोग हो सकता है।

लासा बुखार के लक्षण

  • लासा संक्रमण वाले लोगों में लक्षण शुरू होने से पहले उन्हें संक्रामक नहीं माना जाता है।
  • इस बुखार की इनक्यूबेशन अवधि लगभग 10 दिन (6-21 दिन की रेंज) है. शुरू में इसके लक्षण हल्के होते हैं और इनमें लो ग्रेड का बुखार, सामान्य कमजोरी एवं मालाइज शामिल होता है।
  • इसके बाद सिरदर्द, गले में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सीने में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त, खांसी और पेट दर्द होता है।
  • इसका असर बढ़ने पर चेहरे की सूजन, फेफड़ों में पानी भरना, और मुंह, नाक, योनि व आंतों से खून आना, और कम रक्तचाप की शिकायत हो सकती है।
  • आखिरी चरण में, सदमा, दौरे, कंपकंपी, कंपकंपाहट और कोमा की दशा हो सकती है।

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बचाव के लिए कोई दवा?
इस बुखार का इलाज आमतौर पर लक्षण दिखने के बाद शुरु कर दिया जाएं तो इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस बुखार के लक्षण दिखे तो रिस्‍क न उठाएं जाकर डॉक्टर से मिलें तुंरत इलाज शुरु करने से इस वायरस का प्रभाव कम किया जा सकता है। हालांकि, इस वायरस के लिए वर्तमान में कोई टीका उपलब्ध नहीं है। ‘रिबाविरिन’ नामक एक एंटीवायरल दवा, से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।

लासा बुखार से बचने के उपाय

  • लासा फीवर चूहों के मल मूत्र या उनके दूषित भोजन के सम्‍पर्क में आने से फैलता है। इसके
  • संक्रमण से बचने के लिए एतहियात के तौर पर घर में चूहें का जमावड़ा होने से बचाएं। इसके लिए घर में चूहे दानी और बिल्‍ली रखें।
  • हमेशा कहीं भी बाहर से जाकर आएं या खाना खाने से पहले हाथ जरुर धों।
  • खानें को ढंककर रखें या किसी कंटेनर में रखें।
  • खाद्य पदार्थ को पकाकर खाएं।
  • अगर बुखार, उल्‍टी या कमजोरी महसूस होती है तो जाकर डॉक्‍टर से जरुर जांच कराएं।