गुजरात में शुरूआती रुझान में कांग्रेस की दिखी ताकत। इसे देखकर यह साफतौर पर कहा जा सकता है कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने का असर यहां पर कुछ जरूर दिखाई दिया। इसको यह भी कहा जा सकता है कि कांग्रेस के किए चुनावी वायदों ने यहां पर कुछ असर तो जरूर दिखाया ही है। कांग्रेस ने इस बार में गुजरात में नौकरी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। इसके अलावा पाटीदारों को आरक्षण भी एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना। इसके अलावा मोदी सरकार के राज में लगा जीएसटी भी कांग्रेस के लिए काफी बड़ा मुद्दा था। कांग्रेस के मुताबिक जीएसटी से यहां के उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ा है और इसको लेकर यहां के उद्योपतियों में काफी रोष है। कांग्रेस को इन मुददों से अपनी जीत को लेकर काफी उम्मीदें थी। राहुल गांधी के पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद गुजरात चुनाव को उनकी उपलब्धि के तौर पर लिया जा सकता है। भले ही गुजरात में कांग्रेस सरकार बनाने से पीछे रह जाए लेकिन इस बार उसका प्रदर्शन पहले के मुकाबले में काफी बेहतर होता दिखाई दे रहा है