नाचते-नाचते चुपके से मौत ने दी दस्तक, 12 सेकेंड में भगवान ने बांध दीं सांसें | News Raftaar

ये मौत है. ये किसी से अपॉइंटमेंट नहीं लेती. ये तो सब जानते हैं कि ज़िंदगी और मौत तो बस ऊपरवाले के हाथ में है. कब कौन, कैसे उठेगा ये कोई नहीं जानता. मौत कहीं भी. कभी भी.. किसी को भी आ सकती है.

मौत ज़िंदगी का आखिरी सच है. एक ऐसा सच जिसे कोई नहीं झुठला सकता. मगर मौत कब आएगी. कैसे आएगी. किस वक्त आएगी. कहां आएगी. ये कोई नहीं जानता. लेकिन कभी-कभी जिस तरह से अचानक मौत आ जाती है, उस पर यकीन ही नहीं होता. यकीन आए भी तो आए कैसे? किसी को नाचते-नाचते मौत आ गई. तो कोई बात करते-करते मर गया. किसी को इतनी खुशी मिली कि अचानक सांसें थम गईं. तो किसी को ऐसा सदमा मिला कि धड़कनें रुक हो गईं. ये ऐसा अकेला मामला नहीं है. ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आई हैं.

डांस कंप्टीशन में मौत
मुंबई के एक डांस कंप्टीशन में 13 साल की मासूम ने महज़ 12 सेकेंड में अपने डांस से समां बांध दिया. मगर 13वें सेकेंड में भगवान ने उसकी सांसें बांध दीं. वो अचानक स्टेज पर गिर गई और उसने दम तोड़ दिया. दरअसल, मुंबई के कांदीवली पश्चिम के लालजी पाडा में पिछले 23 नवंबर से ‘CM चषक’ कार्यक्रम चल रहा था, इसमें डांस का कार्यक्रम रखा गया था. इसी दौरान 12 साल की अनिशा शर्मा स्टेज पर डांस कर रही थी. अनिशा ने जैसे ही डांस करना शुरू किया, कुछ सेकेंड में ही वह स्टेज पर गिर गई. जब पास जाकर लोगों ने उसे देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी.

बारात में दूल्हे की मौत
गुजरात के वडोदरा में भी कुछ माह पहले ऐसा ही मामला सामने आया था. एक 25 वर्षीय युवक की बारात निकल रही थी. वो दूल्हा बनकर घोड़ी पर सवार था. उसके यार दोस्त नाच गा रहे थे. दूल्हा अपनी शादी में इतना खुश था कि वो अपने दोस्त के कंधे पर चढ़कर वो दिल खोल कर नाचने लगा. मगर जब वो दोस्त के कंधे से उतरा तो उसकी आंखें पलट चुकी थीं. मौत उसे लेकर जा चुकी थी.

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मंच पर मौत
मुंबई के विष्णु चंद्र दूधनाथ पांडेय की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उसे उसके काम के लिए अवार्ड मिल रहा था. सभागार तालियों से गूंज रहा था. उसे मंच पर बुलाया गया. वो नाचते-गाते मंच की तरफ बढ़ रहा था. वो अवार्ड लेने जा रहा था कि अचानक वो वहीं गिर पड़ा और ज़िंदगी उसे छोड़कर चली गई. देखने वाले हैरान रह गए.

शादी में मौत
ये मामला राजस्थान का है. मशहूर शहर जोधपुर में एक शादी समारोह चल रहा था. माहौल खुशगवार था. सब लोग नाच गा रहे थे. शाहरुख की मशहूर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गीत ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ बज रहा था. विजय ढेलडिया अपनी पत्नी के साथ इसी गाने पर झूम रहे थे. नाच रहे थे. गाने की लाइन है ‘तेरी बाहों में मर जाएं हम…’ वो भी बाहों में थे… और बाहों में ही अचानक मर भी गए.

कार्यक्रम में थिरकते हुए मौत
किसी शहर में एक कार्यक्रम चल रहा था. गीत बज रहा था ‘बदन पर सितारे लपेटे हुए…’ उसी गाने पर एक बुजुर्ग दंपति थिरक रहे थे. देखने वाले तालियां बजा रहे थे. लेकिन तभी थिरकते हुए उस बुज़ुर्ग शख्स को ऐसा दिल का दौरा पड़ा कि नाचते नाचते ही उनका बदन ठंडा पड़ गया. उनकी तस्वीरों को देखकर एहसास होता है कि मौत का भरोसा कतई नहीं किया जा सकता. क्योंकि वो कभी बता कर नहीं आती.

ये मौत है. ये किसी से अपॉइंटमेंट नहीं लेती. ये तो सब जानते हैं कि ज़िंदगी और मौत तो बस ऊपरवाले के हाथ में है. कब कौन, कैसे उठेगा ये कोई नहीं जानता. मौत कहीं भी. कभी भी.. किसी को भी आ सकती है. भले वो 73 साल साल का बुज़ुर्ग हो या 13 साल की मासूम.