jan aushadhi kendra

जनऔषधि केंद्र की सफलता को देखते हुए मोदी सरकार अब 1500 नए जनऔषधि केंद्र खोलने जा रही है। यह केंद्र मार्च 2019 तक खोले जाएंगे। ऐसे में आपके पास एक बार फिर जन औषधि केंद्र खोलने का मौका है। इसके जरिए आप 20-25 हजार रुपए ंमहीने तक इनकम कर सकते हैं। केंद्र सरकार पिछले साल करीब 3500 जनऔषधि केंद्र खोल चुकी है। सरकार का मकसद है कि देश के हर इलाके में लोगों को मार्केट रेट से 80-85 फीसदी तक सस्ती दवा उपलब्ध हो। मिनिस्टर ऑफ स्टेट केमिकल एंड फर्टिलाइजर मनसुख लाल मंडाविया ने बताया कि जनऔषधि केंद्र की संख्‍या इस साल देशभर में बढ़ाकर 5000 से ज्यादा की जाएगी।

सरकार ने पहले जनऔषधि केंद्र खोलने पर 2.5 लाख रुपए की सरकारी सहायता देने का ऐलान किया था, लेकिन यह हेल्प अबतक मिल नहीं पा रही है। ऐसे में सरकार ने अब यह तय किया है कि दवा बेचने पर मिलने वाले 20 फीसदी कमिशन के अलावा अलग से 10 फीसदी इंसेंटिव दिया जाए। इसके लिए अब देशभर में पीओएस मशीन बांटे जाएंगे। इसके जरिए हर महीने बैंक अकाउंट में इंसेंटिव भेजा जाएगा। सरकार की योजना है कि इंसेंटिव तब तक दिया जाए, जब तक कि 2.5 लाख रुपए पूरे न हो जाएं। दवा की दुकान खोलने में भी तकरीबन 2.5 लाख रुपए ही खर्च होता है, ऐसे में यह पूरा खर्च सरकार खुद उठा रही है। यह इंसेंटिव 10 हजार रुपए अधिकतम मंथली बेसिस पर मिलेगा।

कौन खोल सकता है जनऔषधि सेंटर

  • जनऔषधि सेंटर खोलने के लिए सरकार ने 3 कैटेगरी बनाई है।
  • पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर स्टोर खोल सकेगा।
  • दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को स्टोर खोलने का मौका मिलेगा।
  • वहीं तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा नॉमिनेट की गई एजेंसी होगी।
  • दुकान खोलने के लिए 120 वर्गफुट एरिया में दुकान होनी जरूरी है।
  • सेंटर खोलने वालों को सरकार की ओर से 650 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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ऐसे होगी आपकी इनकम

  • आप अपने सेंटर के जरिए महीने में जितनी दवाएं सेल करेंगे, उन दवाओं का 20 फीसदी आपको कमिशन के रूप में मिल जाएगा।
  • इस लिहाज से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपए की भी सेल की है तो आपको उस महीने 20 हजार रुपए कमिशन मिल जाएगा।
  • ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार मंथली सेल पर 10 फीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। 1 लाख रुपए तक की सेल पर यह इंसेंटिव 10 हजार तक हो सकता है।
  • इस तरह से दुकानदार को ट्रेड मार्जिन के अलावा इंसेटिव के रूप में डबल मुनाफा होगा। यानी अगर वह एक महीने में 1 लाख रुपए तक की भी दवा सेल करता है तो उसे मंथली 30 हजार रुपए तक इनकम होगी।
  • इससे ज्यादा दवा बेचने पर उसी अनुपात में कमिशन बढ़ता जाएगा। इंसेंटिव 10 हजार से ज्यादा नहीं मिलेगा। इस तरह से सरकार कमिशन और इंसेंटिव के जरिए कमाई की भी गारंटी दे रही है।

आवेदन के लिए ये है जरूरी
स्टोर खोलने के लिए आपके पास रिटेल ड्रग सेल करने का लाइसेंस जन औषधि स्टोर के नाम से होना चाहिए। आवेदन करने के लिए आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की जरूरत होगी। वहीं, संस्थान, एनजीओ, हॉस्पिटल, चैरिटेबल संस्था को आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, पंजीयन प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।

  • जो व्यक्ति या एजेंसी स्टोरी खोलना चाहता है, वह https://janaushadhi.gov.in/ पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकता है।
  • एप्लीकेशन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (BPPI) के जनरल मैनेजर(A&F)के नाम से भेजना होगा।
  • ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर और भी जानकारी उपलब्ध है।